लब्ज़ों से तस्वीर बनाने को दिल चाहता है,शायद इसीलिए उगंलियों को थिरकाता रहता हूं तकनीक के इस पब में । और पब की सभ्यता ये कहती है कि पब में अकेले नहीं आया जाता । सो दोस्तों... ये पब अभिनव और रौशन का है । हम शब्दों के संगम से अपनी तृष्णा को पूर्ण करते हैं । परन्तु आपकी जिज्ञासा और आकर्षण हमें और भी तृष्णित करती है । और शायद इसी नशे ने हमें ब्लॉग को पब कहने पर मजबूर कर दिया ।